MP Bhulekh – Khasra, Khatauni, Bhu Naksha Guide
मध्य प्रदेश का खसरा, खतौनी, B1, भू नक्शा और प्रमाणित प्रति — घर बैठे ऑनलाइन कैसे देखें, सरल हिंदी में चरण-दर-चरण समझें।
आधिकारिक पोर्टल खोलें — mpbhulekh.gov.in पोर्टल गाइड पढ़ेंतुरंत काम चुनें — Quick Actions
खसरा देखें
खसरा नंबर या नाम से ज़मीन का रिकॉर्ड देखें।
B1 खतौनी
विस्तृत B1 रिकॉर्ड क्या है और कैसे मिलेगा।
भू नक्शा (Map)
अपने खेत का नक्शा ऑनलाइन देखें।
प्रमाणित प्रति
बैंक/कोर्ट के लिए डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति लें।
पुराने अभिलेख
पुराने वर्षों के भू-अभिलेख खोजें।
RCMS केस स्थिति
राजस्व प्रकरण की स्थिति जाँचें।
रिकॉर्ड देखने का सही क्रम
- जिला चुनें — जहाँ आपकी भूमि स्थित है।
- तहसील चुनें — ज़िले के अंतर्गत अपनी तहसील।
- गाँव चुनें — सूची से सही गाँव/शहर चुनें।
- रिकॉर्ड का प्रकार चुनें — खसरा, खतौनी, B1 या नक्शा।
- जाँचें और सेव करें — नाम, रकबा व नंबर मिलाकर PDF/प्रिंट रखें।
ये चरण केवल समझाने के लिए हैं — यह वेबसाइट कोई सरकारी फ़ॉर्म नहीं लेती; असली खोज आधिकारिक पोर्टल पर होती है।
MP Bhulekh और WebGIS 2.0 — परिचय
MP Bhulekh मध्य प्रदेश शासन की वह ऑनलाइन व्यवस्था है जिससे राज्य के नागरिक अपनी ज़मीन से जुड़ी जानकारी — खसरा, खतौनी, नक्शा और प्रमाणित प्रतियाँ — कार्यालय जाए बिना देख सकते हैं। इसका नया रूप WebGIS 2.0 है, जो आधिकारिक पते webgis2.mpbhulekh.gov.in पर चलता है और मुख्य पोर्टल mpbhulekh.gov.in से जुड़ा है।
इस व्यवस्था की सबसे बड़ी सुविधा यह है कि अलग-अलग सेवाएँ एक ही जगह मिल जाती हैं: रिकॉर्ड देखना हो, हस्ताक्षरित प्रति लेनी हो, नक्शा खोलना हो या शिकायत दर्ज करनी हो — हर काम की शुरुआत उसी पोर्टल से होती है। होमपेज पर दिए क्विक विकल्पों से आप सीधे अपनी सेवा तक पहुँच सकते हैं, इसलिए पहले यह तय कर लें कि आपको चाहिए क्या — केवल जानकारी, या सरकारी काम में चलने वाली प्रमाणित प्रति।
यह पूरा पेज उसी चुनाव को आसान बनाने के लिए बनाया गया है: नीचे पहले पोर्टल का सार-तालिका परिचय है, फिर दोनों तरह की प्रतियों का अंतर, फिर हर तरीक़े के पूरे चरण — नाम से, खसरा नंबर से और प्लॉट नंबर से — उसके बाद प्रमाणित प्रति, सभी सेवाएँ, पंजीकरण, भू नक्शा, बंदोबस्त खतौनी, शिकायत, ULPIN और आधिकारिक संपर्क। हर बड़े चरण के साथ हमारा अपना बनाया हुआ चित्र (Step visual) दिया है, ताकि पोर्टल पर विकल्प पहचानने में गलती न हो।
MP Bhulekh Portal Overview
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पोर्टल का नाम | MP Bhulekh — WebGIS 2.0 पोर्टल |
| राज्य | मध्य प्रदेश |
| विभाग | मध्य प्रदेश राजस्व विभाग |
| मुख्य उद्देश्य | भूमि अभिलेखों की जानकारी ऑनलाइन, पारदर्शी और आसानी से उपलब्ध कराना |
| ऑनलाइन सेवाएँ | भूमि रिकॉर्ड, खसरा, खतौनी, भू नक्शा और संबंधित राजस्व सेवाएँ |
| WebGIS पोर्टल | WebGIS 2.0 |
| प्रमुख जानकारी | खसरा नंबर, भूस्वामी का नाम, रकबा और भूमि का विवरण |
| प्रमाणित प्रति | डिजिटल हस्ताक्षरित भूमि रिकॉर्ड प्रति प्राप्त करने की सुविधा |
| भूमि संबंधी अन्य सेवाएँ | रिकॉर्ड देखना, प्रमाणित प्रति, भू-राजस्व भुगतान, डायवर्सन आदि |
| उपयोगकर्ता | मध्य प्रदेश के नागरिक, भूमि स्वामी और संबंधित व्यक्ति |
| मुख्य लाभ | घर बैठे रिकॉर्ड देखना — कार्यालय के चक्कर और समय दोनों की बचत |
| आधिकारिक WebGIS वेबसाइट | webgis2.mpbhulekh.gov.in |
खसरा / खतौनी की प्रति दो तरह की होती है
पोर्टल पर ‘भू-अभिलेख प्रतिलिपि’ आम तौर पर दो रूपों में मिलती है। दोनों का काम अलग है, इसलिए प्रति लेने से पहले यह अंतर समझना सबसे ज़रूरी है — केवल जानकारी देखनी है तो पहली प्रति काफ़ी है, और बैंक, न्यायालय या रजिस्ट्री जैसे काम के लिए दूसरी प्रति चाहिए।
| प्रति का प्रकार | विवरण |
|---|---|
| साधारण भू-अभिलेख प्रतिलिपि (अप्रमाणित) | बिना पंजीकरण के, बिना शुल्क के देखी जा सकती है। यह अपने रिकॉर्ड की जानकारी जाँचने के लिए होती है — कौन मालिक है, रकबा कितना है, कौन-कौन से खसरे जुड़े हैं। |
| डिजिटल हस्ताक्षरित भू-अभिलेख प्रतिलिपि (प्रमाणित) | इसके लिए पोर्टल पर पंजीकरण, लॉगिन और निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होता है। डिजिटल हस्ताक्षर होने से यह आधिकारिक कार्यों में उपयोग की जा सकती है। |
साधारण भू-अभिलेख (अप्रमाणित प्रति) ऑनलाइन कैसे देखें
- सबसे पहले आधिकारिक WebGIS पोर्टल webgis2.mpbhulekh.gov.in खोलें और पते की स्पेलिंग जाँच लें।
- होमपेज पर दिए विकल्पों में से ‘भू-अभिलेख’ पर क्लिक करें।
- नए पेज पर सवाल आएगा कि क्या आप भू-अभिलेख में खसरा खोजना चाहते हैं — वहाँ ‘Yes’ चुनें।
- अब अपना जिला, तहसील और गाँव क्रम से चुनें; चयन पूरा होते ही खोज वाला पेज खुलेगा।
क्षेत्र चुनने के बाद रिकॉर्ड तीन तरीक़ों से खोजा जा सकता है — मालिक (Landowner) के नाम से, खसरा नंबर से और प्लॉट संख्या से। तीनों के पूरे चरण नीचे अलग-अलग दिए हैं।
तरीक़ा 1 — मालिक (Landowner) के नाम से रिकॉर्ड खोजें
- ‘Landowner’ वाला रेडियो बटन चुनें।
- ‘Select Landowner’ पर जाकर संबंधित भूमि मालिक का नाम सूची से चुनें।
- इसके बाद ‘Khasra No./Plot No.’ वाला विकल्प चुनें।
- दिखा कैप्चा कोड भरकर ‘View Details’ दबाएँ।
- खुले पेज के ‘Land Parcel Detail’ भाग में जाएँ।
- तालिका को दाईं ओर खिसकाएँ और ‘View Khatauni’ के नीचे बने आँख (Eye) चिह्न पर क्लिक करें — खतौनी खुल जाएगी।
तरीक़ा 2 — खसरा नंबर से रिकॉर्ड खोजें
- ऊपर के शुरुआती चरण पूरे करके खोज पेज पर आएँ और ‘खसरा नंबर चुनिए’ वाला रेडियो बटन चुनें।
- Block/Khasra/Plot विकल्प से अपना खसरा चुनें।
- कैप्चा भरकर ‘View Details’ दबाएँ।
- ‘Land Parcel Detail’ भाग खोलें।
- दाईं ओर खिसकाकर ‘View Khatauni’ के नीचे के Eye चिह्न पर क्लिक करें।
तरीक़ा 3 — प्लॉट संख्या से रिकॉर्ड खोजें
- शुरुआती चरणों के बाद ‘Plot No.’ वाला रेडियो बटन चुनें।
- ‘Select Plot’ से संबंधित प्लॉट चुनें।
- कैप्चा भरकर ‘View Details’ दबाएँ।
- ‘Land Parcel Detail’ भाग खोलें।
- दाईं ओर खिसकाकर ‘View Khatauni’ के नीचे के Eye चिह्न पर क्लिक करें।
तीनों ही तरीक़ों का अंतिम परिणाम एक ही है — चुनी हुई भूमि का रिकॉर्ड और उसकी खतौनी। जिस पहचान की जानकारी आपके पास पक्की हो, वही तरीक़ा चुनें; नंबर ज्ञात हो तो खसरा नंबर वाला तरीक़ा सबसे सीधा रहता है। विस्तृत गाइड: नाम से खसरा, खसरा नंबर से खसरा और खसरा खतौनी मुख्य गाइड।
डिजिटल हस्ताक्षरित भू-अभिलेख प्रतिलिपि (Certified Copy) कैसे प्राप्त करें
प्रमाणित प्रति की शुरुआत पंजीकरण से होती है — बिना खाते के यह सेवा नहीं मिलती। पंजीकरण का विकल्प पोर्टल के होमपेज पर दाईं ओर मिलता है।
- ‘Register As A Public User’ पर क्लिक करके मांगी गई जानकारी भरकर पंजीकरण पूरा करें (पूरी पंजीकरण प्रक्रिया नीचे अलग भाग में दी है)।
- पंजीकरण के बाद अपने खाते से लॉगिन करें; लॉगिन के बाद कई सेवाओं के विकल्प दिखेंगे।
- उनमें से ‘भू-अभिलेख’ विकल्प चुनें।
- अब सवाल आएगा कि क्या आप वर्तमान एवं पूर्व वर्ष के खसरे की डिजिटल हस्ताक्षरित प्रतिलिपि प्राप्त करना चाहते हैं — यहाँ ‘YES’ चुनें।
- खुले पेज पर Land Parcel Unique ID या ULPIN नंबर डालें; उस भूमि की जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी।
- यहाँ ‘Bhu Abhilekh’ का प्रकार चुनें और ‘प्रतिलिपि शुल्क’ पर जाकर उस प्रति का शुल्क स्क्रीन पर देखें। इस साइट पर कोई राशि नहीं लिखी गई है, क्योंकि शुल्क पोर्टल पर ही, आवेदन के समय, सही दिखता है।
- अंत में दिखा शुल्क ऑनलाइन भुगतान करके प्रक्रिया पूरी करें — भुगतान सफल होते ही डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति प्राप्त/डाउनलोड की जा सकती है और रसीद संभालकर रखें।
ULPIN क्या है? ULPIN (Unique Land Parcel Identification Number) हर भूमि खंड को मिली 14 अंकों की अलग पहचान संख्या है। यही संख्या सरकारी रिकॉर्ड में उस पार्सल को व्यवस्थित, सुरक्षित और सटीक ढंग से पहचानने में मदद करती है, इसलिए प्रमाणित प्रति की प्रक्रिया में इसकी माँग होती है। विस्तार से: ULPIN गाइड • प्रमाणित प्रति की पूरी गाइड • प्रति डाउनलोड • शुल्क जानकारी
Bhulekh MP Portal पर उपलब्ध सेवाएँ
पोर्टल केवल खसरा देखने के लिए नहीं है — भूमि और राजस्व से जुड़ी कई सेवाएँ एक ही खाते/पोर्टल से मिलती हैं:
- भू-नक्शा या कैडस्ट्रल मैप देखना
- ऑनलाइन बंदोबस्त खतौनी की जानकारी देखना
- वर्तमान और पिछले वर्ष की डिजिटल हस्ताक्षरित खसरा प्रतिलिपि प्राप्त करना
- बंधक संपत्तियों की सूची से जुड़ी जानकारी देखना
- मध्य प्रदेश के भूमि रिकॉर्ड ऑनलाइन खोजना
- खसरा और खतौनी की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करना
- ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना और उसकी स्थिति ट्रैक करना
- राजस्व न्यायालय के आदेशों की प्रमाणित प्रतिलिपि खोजना
- भूमि राजस्व का ऑनलाइन भुगतान करना
- गाँव के नक्शे को ऑनलाइन ख़रीदने की सुविधा
- डायवर्सन या भूमि उपयोग परिवर्तन से जुड़ी जानकारी अद्यतन करना
इन सेवाओं की वजह से अधिकांश कामों के लिए कार्यालय जाना आवश्यक नहीं रहता, बशर्ते आप सही सेवा चुनें और विवरण सावधानी से भरें।
एमपी भूलेख पोर्टल पर नया यूज़र रजिस्ट्रेशन कैसे करें
पंजीकरण केवल उन्हीं सेवाओं के लिए चाहिए जिनमें लॉगिन लगता है — सबसे प्रमुख प्रमाणित प्रति। प्रक्रिया इस प्रकार है:
- आधिकारिक वेबसाइट webgis2.mpbhulekh.gov.in खोलें।
- स्क्रीन के दाईं ओर के पैनल में ‘Register As Public User’ पर क्लिक करें।
- यदि खसरा, खतौनी या नक्शा जैसी सेवाओं के लिए खाता बनाना है तो ‘भू-अभिलेख (खसरा / खतौनी / नक्शा)’ विकल्प चुनें।
- अब पंजीकरण फ़ॉर्म खुलेगा। इसमें सामान्यतः लॉगिन आईडी, प्रथम नाम, मध्य नाम, अंतिम नाम, पिता का नाम, पता, सड़क और लैंडमार्क जैसी जानकारी माँगी जाती है — हर फ़ील्ड दस्तावेज़ों वाली स्पेलिंग में भरें।
- सभी विवरण दोबारा जाँचें; सही हों तो ‘Register’ बटन दबाकर पंजीकरण पूरा करें।
पंजीकरण के बाद वही लॉगिन आईडी प्रमाणित प्रति जैसी सेवाओं में काम आएगी। पूरी गाइड, फ़ील्ड-तालिका सहित: MP Bhulekh Registration गाइड और लॉगिन के लिए Login गाइड।
MP Bhulekh Portal पर भू नक्शा ऑनलाइन देखें
- भू नक्शा देखने के लिए पहले आधिकारिक वेबसाइट webgis2.mpbhulekh.gov.in खोलें।
- होमपेज पर ‘Search’ विकल्प पर क्लिक करें।
- विकल्पों में से ‘भू नक्शा (Land Parcel Map)’ चुनें।
- अब संबंधित जिला, तहसील और गाँव चुनें।
- अपनी ज़मीन का प्लॉट नंबर या भूमि संख्या डालें।
- ‘Submit’ दबाएँ — आपकी भूमि का भू-नक्शा स्क्रीन पर दिख जाएगा।
नक्शा लोड होने में समय लग सकता है; अपना भूखंड चुनकर सीमा और पड़ोसी खसरे जाँचे जा सकते हैं। विस्तार: भू नक्शा गाइड • नक्शा डाउनलोड • प्लॉट नंबर से नक्शा।
Bhulekh MP पोर्टल पर बंदोबस्त खतौनी (स्कैन) कैसे देखें
‘बंदोबस्त खतौनी (स्कैन)’ पुराने बंदोबस्त काल के रिकॉर्ड की स्कैन प्रति देखने की सुविधा है — पुरानी स्थिति जानने के लिए यह सबसे उपयोगी भागों में से एक है।
- आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
- होमपेज पर ‘बंदोबस्त खतौनी (स्कैन)’ विकल्प पर क्लिक करें; इससे जुड़ा नया पेज खुलेगा।
- जिला, तहसील, गाँव, अभिलेख, खसरा और पृष्ठ क्रमांक जैसी जानकारी भरें।
- सभी विवरण के बाद कैप्चा कोड डालें।
- ‘विवरण देखें’ पर क्लिक करें — बंदोबस्त खतौनी की जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी।
ध्यान रहे — बंदोबस्त रिकॉर्ड ऐतिहासिक जानकारी देता है; वर्तमान स्वामित्व हमेशा ताज़ा रिकॉर्ड से जाँचें। संबंधित: पुराने भू अभिलेख गाइड।
MP Bhulekh Portal पर ऑनलाइन शिकायत कैसे दर्ज करें
रिकॉर्ड में ग़लती या किसी सेवा की समस्या हो तो पोर्टल से ही शिकायत दर्ज की जा सकती है, और बाद में उसकी स्थिति भी ट्रैक होती है।
- आधिकारिक वेबसाइट के होमपेज पर ‘Grievance’ विकल्प चुनें; शिकायत वाला नया पेज खुलेगा।
- शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, आवेदन का प्रकार और समस्या का प्रकार भरें।
- समस्या का पूरा विवरण लिखें और जिला, तहसील, गाँव, खसरा नंबर व पता जैसी जानकारी जोड़ें।
- शिकायत से जुड़े दस्तावेज़ उपलब्ध हों तो उन्हें अपलोड करें।
- अंत में मोबाइल नंबर का सत्यापन पूरा करें — सत्यापन सफल होते ही शिकायत दर्ज हो जाएगी और संदर्भ मिलेगा, उसे संभालकर रखें।
शिकायत करते समय अपना OTP या पासवर्ड किसी व्यक्ति के साथ साझा न करें — सत्यापन केवल पोर्टल पर ही करें। अन्य समस्याओं के लिए: समस्या समाधान केंद्र।
MP Bhulekh में ULPIN Integration
WebGIS 2.0 में ULPIN (Unique Land Parcel Identification Number) भूमि की अलग पहचान की व्यवस्था है — इसे सरल शब्दों में ज़मीन का यूनिक पहचान नंबर कह सकते हैं।
- ULPIN के अंतर्गत हर भूमि खंड को 14 अंकों की अलग पहचान संख्या दी जाती है।
- यह संख्या किसी विशेष भूमि की पहचान पक्की करने में सहायता करती है।
- ULPIN भूमि रिकॉर्ड को उसी एक पहचान से जोड़ने में उपयोगी है।
- इससे भूमि रिकॉर्ड अधिक व्यवस्थित और डिजिटल बनता है।
- ‘One Land, One ID’ के विचार पर हर पार्सल की अलग पहचान सुनिश्चित होती है।
- ऐसी डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ती है और डुप्लिकेट या जाली रिकॉर्ड जैसी समस्याएँ कम होने में मदद मिलती है।
पूरा विवरण: ULPIN MP गाइड।
MP Bhulekh हेल्पलाइन / संपर्क (Official)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कार्यालय | आयुक्त भू-अभिलेख, मध्य प्रदेश शासन |
| पता | राजस्व भवन, नाका चन्द्रबदनी, नीडम रोड, ग्वालियर (म.प्र.) – 474009 |
| टोल फ्री | 18002030311 |
| ईमेल | support.gis@begl.org.in |
यह आधिकारिक संपर्क जानकारी मार्गदर्शन हेतु दी गई है — उपयोग से पहले आधिकारिक पोर्टल पर इसे दोबारा सत्यापित कर लें।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
MP Bhulekh Portal क्या है?
यह मध्य प्रदेश के भूमि अभिलेखों का आधिकारिक ऑनलाइन तंत्र है, जिसका नया रूप WebGIS 2.0 कहलाता है। इससे खसरा, खतौनी, नक्शा और प्रमाणित प्रति जैसी सेवाएँ घर बैठे मिलती हैं। आधिकारिक पता webgis2.mpbhulekh.gov.in / mpbhulekh.gov.in है; यह पेज (mpbhulekh.live) उसी की स्वतंत्र जानकारी गाइड है।
क्या MP Bhulekh पर रिकॉर्ड देखना मुफ़्त है?
हाँ, साधारण (अप्रमाणित) भू-अभिलेख प्रति जानकारी के लिए बिना शुल्क देखी जा सकती है और इसके लिए खाता भी नहीं चाहिए। शुल्क केवल डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाणित प्रति जैसी सेवाओं पर लगता है, और वह राशि आवेदन के समय पोर्टल पर ही दिखती है।
डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाणित प्रति कैसे मिलेगी?
पहले पोर्टल पर पंजीकरण करें, फिर लॉगिन करके भू-अभिलेख सेवा में वर्तमान व पूर्व वर्ष की हस्ताक्षरित प्रति के लिए YES चुनें, भूमि की पहचान (ULPIN / Land Parcel Unique ID) डालें, प्रति का प्रकार चुनें, स्क्रीन पर दिखा शुल्क ऑनलाइन चुकाएँ — प्रति डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाती है। पूरी गाइड: प्रमाणित प्रति।
ULPIN नंबर क्या होता है?
ULPIN हर भूमि खंड को मिली 14 अंकों की अलग पहचान संख्या है — ‘One Land, One ID’ के विचार पर आधारित। यह रिकॉर्ड को एक स्थायी ID से जोड़ती है। विस्तार: ULPIN गाइड।
पोर्टल पर कौन-कौन सी सेवाएँ मिलती हैं?
भू नक्शा, बंदोबस्त खतौनी (स्कैन), वर्तमान व पूर्व वर्ष की हस्ताक्षरित खसरा प्रति, बंधक संपत्तियों की जानकारी, भूमि रिकॉर्ड खोज, प्रमाणित प्रतियाँ, शिकायत दर्ज व ट्रैक करना, राजस्व न्यायालय के प्रमाणित आदेश, भू-राजस्व भुगतान, गाँव के नक्शे की ख़रीद और डायवर्सन अद्यतन — कुल मिलाकर इस पेज की ‘उपलब्ध सेवाएँ’ सूची देखें।
क्या मोबाइल से भी पोर्टल चलता है?
हाँ, पोर्टल मोबाइल ब्राउज़र पर भी खुलता है और नक्शा/रिकॉर्ड जैसी सेवाएँ फ़ोन से उपयोग की जा सकती हैं। बड़े नक्शे के लिए बड़ी स्क्रीन अधिक सुविधाजनक रहती है।
भुगतान के कौन-कौन से विकल्प मिलते हैं?
पोर्टल पर शुल्क का भुगतान सामान्यतः UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, RTGS और NEFT जैसे माध्यमों से किया जा सकता है। भुगतान केवल आधिकारिक पोर्टल पर करें और रसीद संभालकर रखें।
खोजने पर रिकॉर्ड नहीं मिल रहा — क्या करूँ?
पहले जिला, तहसील और गाँव का मेल दोबारा जाँचें, फिर खोज का तरीका बदलकर (नाम की जगह खसरा नंबर) आज़माएँ। विस्तृत क्रम हमारी रिकॉर्ड न मिलने की गाइड में है।
कैप्चा बार-बार ग़लत बता रहा है — क्या करूँ?
पेज ताज़ा करके नया कैप्चा ध्यान से भरें; O/0 और I/1 जैसे अक्षरों में भ्रम आम है। कैप्चा बायपास का कोई वैध तरीका नहीं है। सहायता: कैप्चा समस्या गाइड।
PDF डाउनलोड या प्रिंट नहीं हो रहा — क्या करूँ?
रिकॉर्ड पूरी तरह लोड होने के बाद प्रिंट दबाएँ, पॉप-अप की अनुमति दें और ‘Save as PDF’ चुनें। फिर भी अटके तो PDF समस्या गाइड के चरण अपनाएँ।
MP Bhulekh की आधिकारिक वेबसाइट कौन-सी है?
आधिकारिक वेबसाइट mpbhulekh.gov.in है और WebGIS 2.0 पोर्टल webgis2.mpbhulekh.gov.in पर चलता है। mpbhulekh.live केवल स्वतंत्र जानकारी गाइड है, सरकारी वेबसाइट नहीं।
शिकायत कहाँ और कैसे दर्ज करूँ?
पोर्टल के ‘Grievance’ विकल्प से नाम, मोबाइल, ईमेल, आवेदन व समस्या का प्रकार, समस्या का विवरण और जिला/तहसील/गाँव/खसरा भरकर, दस्तावेज़ जोड़कर और मोबाइल सत्यापन करके शिकायत दर्ज होती है, जिसकी स्थिति बाद में ट्रैक की जा सकती है। नीचे ‘शिकायत प्रक्रिया’ भाग में चरण दिए हैं।